[MP Board] Class 9 Sanskrit Half Yearly Paper Download | संस्कृत Half yearly Paper class 9th

Class 9 Sanskrit Half Yearly Paper: कक्षा 9 की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 29 नवम्बर से 8 दिसम्बर तक होगी. अर्द्धवार्षिक परीक्षा ऑफलाइन मोड़ में आयोजित की जा रही है . आज के इस लेख में हम आपको कक्षा 9 का Sanskrit का अर्द्धवार्षिक परीक्षा का पेपर देने जा रहे है साथ ही महत्वपूर्ण प्रश्न के रूप में आप इस पेपर का उपयोग करे . इस लेख में हम आपको महत्वपूर्ण प्रश्नों के साथ साथ सही प्रश्नों के उत्तर भी देने जा रहे है. यदि आप सारी जानकारी चाहते है तो आप इस लेख को अंत तक ध्यान से पढ़े साथ ही अन्य पेपर्स एवं अध्ययन सामग्री के लिए हमारे इस ब्लॉग / वेबसाइट को follow करते रहे .

 

हमें नीचे आपको एक मोडल पेपर दिया है जिसके साथ ही हमे सभी प्रश्नों के उत्तर भी दिए है ताकि आप अपनी परीक्षा में जाने से पहले सभी प्रश्नों को अच्छे से तैयार कर ले और पेपर में अच्छे नंबर ले आयें. आप इस मोडल पेपर के माध्यम से अपनी तैयारी में बहुत फर्क महसूस करेंगे क्योंकि इस मोडल पेपर में बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्नों को सोल्व किया गया है . आप सभी के पेपर्स हो जाने के बाद उन पेपर्स को भी उत्तर सहित इस वेबसाइट पर अपलोड  किया जायेगा ताकि आप सभी अपने उत्तरों का मिला सके .

 

अर्धवार्षिक परीक्षा 2021-22

कक्षा – 9वी

विषय – संस्कृत

 

प्रश्न 1. उचित विकल्पं चित्वा लिखत् –

1. बालाः ……….. नमन्ति –

(क) जनकेन  (ख) जनकम्

(ग) जनकस्य   (घ) जनके।

2. …………………… आज्ञा पालयन्तु –

(क) जनकेन
(ख) जनकस्य (ग) जनकाय

3. बाला ………………सह गच्छति –
(क) जनकेन (ख) जनकस्य् (ग) जनके

(घ) जनकम्।

4. भवत् षष्ठी विभक्ति द्विवचनम् –
(क) भवतो:   (ख) भवत: (ग) भवन्तौ:

5. ज्ञान एकवचनम् षष्ठी विभक्ति –

(क) ज्ञानस्य  (ख)  ज्ञाने  (ग)   हे ज्ञाने

6. श्री + ईश: ………………..
(क) श्रीश:   (ख) श्रीईश: (ग) श्रीश

7. एकैक: इत्यस्मिन पदै: संधि अस्ति –
(क) दीर्घ संधि   (ख) गुण संधि (ग) वृद्धि संधि

8. नवरात्रम् इति पदे समास अस्ति –
(क) तत्पुरुष समास:   (ख)  द्विगु समास  (ग)  द्वन्द्व समास
9. पठित: इत्यस्मिन पदै प्रत्यय आसीत्
(क) क्त    (ख) लृय्    (ग)  तुमुन्

10. मातरं……………. श्रद्धा कुरु –
(क) प्रति   (ख) विना   (ग) धिक्

प्रश्न 2. उचित-विभक्तिभिः रिक्तस्थानानि पूरयत –

1. किं किं न करोति ………सन्तति पालनाय। ( विभक्ति)
2. देवतुल्यः………….भवति। ( विभक्ति)
3. स:+पठति – ……………. |
4. ग्रामगत: समास इति…………. |
5. समास भेद: ……………. आसीत् |

प्रश्न 3. उचित मिलान कुरुत –

‘क’ स्तम्भ                                 ‘ख’ स्तम्भ

(क) कवची                    (1) अपतत्
(ख) आशु                    (2) पक्षिश्रेष्ठः
(ग) विरथः                  (3) पृथिव्याम्
(घ) पपात                   (4) कवचधारी
(ङ) भुवि                    (5) शीघ्रम्
(6) रथविहीनः

प्रश्न 4. अधोलिखितेषु प्रश्नेषु त्रयाणां प्रश्नानाम् उत्तराणि एक वाक्येन लिखत् –
(क) क: तन्द्रालु: भवति?
(ख) वित्तत: क्षीण: कीदृश: भवति?
(ग) सरसा: रसाला: कदा लसन्ति?
(घ) गीतिं कथं गातुं कथयति?

प्रश्न 5. अधोलिखितेषु द्वयों शब्दयों शब्दरूपाणि त्रिषु वचनेषु लिखत् –
(क) जनक
(ख) कवि

प्रश्न 6. कविभि: अथवा भवत् इति पदस्य विभक्तिं च लिखत् |

प्रश्न 7. अधोलिखितेषु गद्यांशान् पठित्वा अभ्यासप्रश्नानाम् उत्तरं प्रदत्त –

(क)  कृष्णः महाधीमान्। किन्तु पठने नितराम् अलसः। परीक्षायां सर्वदा सः कष्टेन उत्तीर्णः भवति स्म, क्वचित् अनुत्तीर्णः अपि। अतः सर्वे तां निन्दन्ति स्म-“भवत्याः लालनात् एव सः एवं मंदमतिः जातः इति। एकदा कृष्णः शालातः आगत्य पितामहीम् उच्चस्वरेण उक्तवान्–“अम्बाम्ब! अद्य अहम् एव प्रथमः।” सकृत् पश्यामि तावत्। तदा कृष्णः उक्तवान्-“अहं प्रथमः न परीक्षायाम्, अपि तु सायं तु
शालातः निर्गमने इति।”

प्रश्ना:- (i) कृष्णः पठने कीदृशः?
(ii) परीक्षायां कृष्णः केन उत्तीर्णः भवति स्म?
(iii) कृष्णः शालातः आगत्य पितामहीम् उच्चस्वरेण किम् उक्तवान् ?
(vi) सर्वे तां कथंनिन्दन्ति स्म्।

(ख) जनानां लोकानां वा तन्त्रं शासनं वा जनानां कल्याणम् एवं शासनस्य प्रमुखं कार्यं मन्यते। अत्र प्रत्येकस्य जनस्य एव महत्वम्। भाषणे लेखने च अत्र पूर्ण स्वातन्त्र्य् भवति। व्यवहारे केचन दोषाः अपि दृश्यन्ते। एतेषां दोषाणां दूरीकरणम् अनिवार्यम्। एतदर्थं सर्वेभ्यः शिक्षा अनिवार्या । शिक्षा विना लोकतन्त्रं सुरक्षितं न भवति।

प्रश्ना:-(i) लोकतन्त्रे केषां कल्याणां शासनस्य प्रमुखं कार्यं भवति ?
(ii) लोकतन्त्रे दोषान् दूरीकर्तुं किम् अनिवार्यम् अस्ति?
(iiii) लोकतन्त्रे कस्य महत्वं प्रमुखम् ?
(iv) कां विना लोकतन्त्रं सुरक्षितं न भवति ?
(v) गद्यांशस्य सारांशं कुरुत।

(ग)  तस्य च गृहे लौहघटिता पूर्वपुरुषोपार्जिता तुलासीत्। तां च कस्यचित् श्रेष्ठिनो गृहे निक्षेभूतां कृत्वा देशान्तरं प्रस्थितः। ततः सुचिरं कालं देशान्तरं यथेच्छया भ्रान्त्वा पुनः स्वपुबुरमागत्य तं श्रेष्ठिनमुवाचभोः श्रेष्ठिन् ! दीयतां मे सा निक्षेपतुला। स आह–“भोः! नास्ति सा, त्वदीया तुला मूषकैर्भक्षिता” इति।

प्रश्ना:-(i) कस्मिंश्चिद् स्थाने जीर्णधन नाम कः आसीत् ?

(ii) तस्य गृहे लौह घटिता पूर्वपुरुषोपार्जिता का आसीत्आसीत् ?
(iii) वणिक् पुत्रः स्व लौह तुला कस्य पार्वे निक्षेपभूता कृता?
(iv) देशान्तरम्’ अस्मिन् पदे कः सन्धिच्छेदः वर्तते ?
(v) ‘पुरुषाधमः अस्य पदस्य क: समास विग्रह: वर्तते?
(vi) ‘आगत्य’ अस्मिन् पदे कः प्रत्ययः वर्तते ?

प्रश्न 8. अधोलिखितेषु पद्यांशान् पठित्वा अभ्यासप्रश्नानाम् उत्तरं प्रदत्त –

(क)  ततः पर्वतशृङ्गाभस्तीक्ष्णतुण्डः खगोत्तमः।
वनस्पतिगतः श्रीमान्व्याजहार शुभां गिरम्।।
निवर्तय मतिं नीचां परदाराभिमर्शनात्।
न तत्समाचरेद्धीरो यत्परोऽस्य विगर्हयेत्।।

प्रश्नाः- (i) ‘परदाराभिमर्शनात् नीचां’ मतिं निवर्तय कस्य वचनः अस्ति?
(ii) तीक्ष्णतुण्डः खगोत्तमः कः आसीत् ?
(iii) रावणं कः शुभां गिरम् व्याजहार ?
(iv) ‘खगोत्तमः’ अस्य पदस्य कः सन्धिच्छेदः वर्तते ?

(ख)  पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः।
स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।।
नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहाः।
परोपकाराय सतां विभूतयः।।
प्रश्नाः -(i) काः स्वयमेव अम्भः न पिबन्ति ?
(ii) केषां विभूतयः परोपकाराय भवन्ति ? )
(iii) वारिवाहा: स्वयं किं न अदन्ति ? (
(iv) ‘नाम्भ:’ अस्मिन् पदे सन्धिच्छेदः क्रियताम् ?
(v) ‘परोपकारः’ पदे का सन्धिः वर्तते?

प्रश्न 9. शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्”अशुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘न’ इति लिखत –

(i) तपोदत्त: बाल्ये विद्या न आधीतवान् |
(ii) दिनया काले रामो शिलाभि: सेतुं बबन्ध |
(iii) तुला मूषकै: भक्षिता आसीत् |
(iv) चटक: स्वकर्मणि व्यग्र: न आसीत् |
(v) ग्रामे धनी स्त्री अवसत् |

प्रश्न 10. उचित मिलान कुरुत –

‘क’ स्तम्भः                               ‘ख’ स्तम्भः
(क) आस्वाद्यतोयाः                      (1) खलानां मैत्री
(ख) गुणयुक्तः                             (2) सज्जनानां मैत्री
(ग) दिनस्य पूर्वार्द्धभिन्ना                      (3) नद्यः
(घ) दिनस्य परार्द्धभिन्ना                       (4) दरिद्रः

प्रश्न 11. एकवाक्येन उत्तराणि संस्कृतभाषायाम् इव लिखत् –
(i) जीमूतवाहन: कस्य पुत्र: अस्ति?
(ii) काल: कस्य रसं पिबति ?
(iii) वसन्ते किं भवति?
निर्धनायाः वृद्धाया: दुहिता कीदृशी आसीत्?

प्रश्न 12. प्रश्नपत्रे समागतान् श्लोकान् विहाय स्व पाठ्य पुस्तकस्य सुभाषितद्वयं लिखत।

प्रश्न 13. स्वप्राचार्यस्यकृते पञ्चदिवसानां अवकाशार्थं एक प्रार्थनापत्रं संस्कृतभाषायां

प्रश्न 14. अधोलिखित वाक्यानाम् कथानुसारेण क्रम संयोजनं कुरुत –

(क) निर्धनायाः वृद्धायाः दुहिता विनम्रा मनोहरा चासीत् ।

(ख) सा पूर्वं स्वर्णपक्षः रजतचञ्चुः स्वर्णकाकः न दृष्टः आसीत् ।

(ग) निर्धनायाः दुहिता मञ्जूषायां महार्हाणि हीरकाणि

(घ) प्रसादं दृष्ट्वा आश्चर्यचकिता जाता। वृक्षस्योपरि स्वर्णमयम्

प्रश्न 15. अधोलिखितेषु अपठित गद्यांश पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तरं प्रदत्त –

तदा खिन्नो बालकः एते पक्षिणो मानुषेषु नोपगच्छन्ति। तदन्वेषयाम्यपरं मानुषोचितं विनोदयितारमिति परिक्रम्य पलायमानं कमपि श्वानमवालोकयत्। प्रीतो बालस्तमित्थं संबोधयामास-रे मानुषाणां मित्र! किं पर्यटसि अस्मिन् निदाघदिवसे? आश्रयस्वेदं प्रच्छायशीतलं तरुमूलम् अहमपि क्रीडासहायं त्वामेवानुरूपं पश्यामीति। कुक्कुरः प्रत्याह –

यो मां पुत्रप्रीत्या पोषयति स्वामिनो गृहे तस्य।
रक्षानियोगकरणान्न मया भ्रष्टव्यमीषदपि।। इति।

प्रश्नाः-(i) बालकः कीदृशं श्वानम् अवलोकयत् ?
(ii) स्वामिनः गृहस्य रक्षां कः करोति ?
(iii) परिक्रम्य ” अस्मिन् पदे क: प्रत्यय: वर्तते?
(iv) ‘ मानुषाणाम् ” अस्मिन्  पदे क: विभक्ति: वर्तते?

प्रश्न 16. अधोलिखितेषु विषयेषु एकं विषयं स्वीकृत्य शतशब्देषु संस्कृतभाषायाम् निबंध लिखत

(1) दिनचर्या:  (ii) कालिदास  (iii) संस्कृतभाषायाः महत्वम्,

 

कक्षा 9 के संस्कृत अर्धवार्षिक पेपर को कैसे हल करें। [ How to Solve ]

कक्षा 9 का अर्धवार्षिक पेपर [ Half yearly exam ] 29 नवंबर से शुरू हो गया है और ये परीक्षाएं 8 दिसंबर तक चलने वाली हैं। कई छात्रों को अर्धवार्षिक परीक्षा [ Half Yearly Exam] के पेपर को हल करने में समस्या हो रही है, इसलिए सभी छात्रों के लिए टिप्स नीचे दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप कर सकते हैं अर्धवार्षिक परीक्षा का पेपर हल करें।

  • कक्षा 9 के संस्कृत अर्धवार्षिक पेपर [ Sanskrit Half yearly Exam ] को हल करने से पहले, सभी छात्र प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें और सभी प्रश्नों को समझें।
  • इसके बाद सभी छात्र उत्तर लिखना शुरू करते हैं, सबसे पहले उन प्रश्नों के उत्तर हल करें जिनके उत्तर आप जानते हैं और उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका में अच्छी तरह से लिखें।
  • यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं जानते हैं तो उसे छोड़ें नहीं, इस प्रश्न का उत्तर अपने शब्दों में लिखें।
  • सभी प्रश्नों के उत्तर देने के बाद रेखा खींचिए।
  • यदि आवश्यक हो तो आरेख बनाएं।
  • कक्षा 9 के संस्कृत अर्धवार्षिक पेपर को हल करने के बाद सभी छात्र एक बार में सभी प्रश्नों के उत्तर अच्छी तरह से जांच लें कि कहीं आपने कोई प्रश्न नहीं छोड़ा है, यदि कोई प्रश्न छूट गया है तो उसका उत्तर लास्ट में लिखें।
  • सभी छात्र कक्षा 9वीं के संस्कृत अर्धवार्षिक पेपर को इस तरह से हल कर सकते हैं।

 

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