Diwali Green Crackers 2022 : ग्रीन पटाखे क्या होते हैं, आएये जाने इन पटाखों पर बैन नहीं

Diwali Green Crackers 2022 : आप सभी को बता दे की ग्रीन पटाखे सन् 2018 में लांच किए गए थे। भारत सरकार द्वारा ग्रीन पटाखों पर बैन इसलिए नहीं लगाया गया है। की यह पटाखे कम प्रदूषण वाले होते हैं। और हम आप को बता दे की साथ ही ग्रीन पटाखों की आवाज भी और सिंथेटिक पटाखों यह तुलना में कम होती है। भारत के कई राज्यों में पटाखे जलाने की अनुमति तो दी गई है लेकिन सीमित समय के लिए ही पटाखे जलाए जा सकते हैं। और इसके साथ ही कई राज्यों ने तो पटाखे जलाने पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया गया है। ग्रीन पटाखों के बारे में हम आपको संपूर्ण जानकारी आज आपको देने वाले है।

ग्रीन पटाखे (Green Crackers) :

ग्रीन पटाखे (Green Crackers) क्या होते हैं?, भारत सरकार द्वारा ग्रीन पटाखों (Green Crackers) पर बैन इस लिए नहीं लगाया जाता है ? क्योकि आपको ये नहीं पता है की ग्रीन पटाखे (Green Crackers) कहां और कब मिलेंगे। इन सब सवालों का जवाब हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से देने वाले है।

आप सभी दोस्ग्रीतों को बता दे की ग्रीन पटाखे (Green Crackers) दिखने में तो सामान्य पटाखों जैसे ही दिखते हैं लेकिन इनमें प्रदूषण व आवाज कम होने के कारण इन्हें ग्रीन पटाखे (Green Crackers) कहा जाता है। ग्रीन पटाखों के अंतर्गत सामान्य पटाखों की तुलना में जलने पर 40 से 50 फीसदी तक कम हानिकारक वाली गैस पैदा होती है। ग्रीन पटाखे (Green Crackers) में इस्तेमाल होने वाले मसाले सामान्य पटाखों की तुलना में अलग होत

पटाखे जलने से कौन-कौन से नुकसान होते हैं जाने :

दिवाली (Diwali ) के त्यौहार पर भारत देश के अंतर्गत सबसे ज्यादा पटाखे जलाए जाते हैं। पटाखे जलाने की वजह से ज्यादा आबादी वाले शहरों में वायु प्रदूषण अत्यधिक बढ़ जाता है। और जिसके कारण वहां के लोगों को काफी बिमारियों की समस्या का सामना करना पड़ता है। और आप सभी को बता दे की कोरोनावायरस (covid-19) जैसी महामारी के ऊपर सफलता प्राप्त करने के पश्चात है यदि अधिक से अधिक पटाखे जलाए जाएंगे तो वायु प्रदूषण अत्यधिक होगा जिसकी वजह से लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होगी और उन्हें सांस लेने में अत्यधिक समस्या होगी। जिसके कारन वे कई सारी बीमारियां का शिकार हो सकते है।

हम आपको सिंथेटिक पटाखों और ग्रीन पटाखों (Green Crackers) में क्या-क्या अंतर है उसकी जानकारी देंगे।

  • ग्रीन पटाखों (Green Crackers) की खोज राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा की गई है।
  • यह दोनों पटाखे देखने में एक तरह ही होते हैं।
  • ग्रीन पटाखों (Green Crackers) में जलने पर प्रदूषण बहुँत कम होता है। और सिंथेटिक पटाखों की तुलना में 40 से 50 फ़ीसदी तक कम हानिकारक गैस भी निकालते हैं।
  • और ग्रीन पटाखों (Green Crackers) के अंतर्गत वायु प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले हानिकारक रसायन नहीं होते हैं।
  • तथा ग्रीन पटाखों (Green Crackers) के अंतर्गत एलमुनियम, बैरियम, पोटेशियम नाइट्रेट और कार्बन का उपयोग नहीं होता है।
  • ग्रीन पटाखे (Green Crackers), सिंथेटिक पटाखों की तुलना में अत्यंत कम आवाज करते हैं। तथा जिससे कारण ध्वनि प्रदूषण भी अत्यंत कम होती है और किसी भी मनुष्य पर कोई असर नहीं होता है।
  • ग्रीन पटाखों (Green Crackers) के अंतर्गत 110 से 125 डेसीबल तक ध्वनि प्रदूषण होता है और सिंथेटिक पटाखों में 160 डेसीबल तक ध्वनि प्रदूषण होता है।
  • आप सभी दोस्ग्रीतों को बता दे की ग्रीन पटाखे (Green Crackers) सामान्य पाठकों की तुलना में कुछ अधिक महंगे होते हैं।

 

  ग्रीन पटाखों के प्रकार (Types of Green Cracker) :

इस प्रकार की ग्रीन पटाखे वायुमंडल में जलवाष्प को डिस्चार्ज करेंगे। इस प्रकार के पटाखों अंतर्गत सल्फर या पोटेशियम नाइट्रेट का उपयोग नहीं होता है।

इस प्रकार के ग्रीन पटाखे ग्रीन पटाखे कम पार्टिकुलेट मैटर का डिस्चार्ज करेंगे। इस प्रकार के पटाखों अंतर्गत सल्फर या पोटेशियम नाइट्रेट का उपयोग नहीं होता है।

इस प्रकार के ग्रीन पटाखे ग्रीन पटाखे कम पार्टिकुलेट मैटर का डिस्चार्ज करेंगे। इस प्रकार के पटाखों अंतर्गत सल्फर या पोटेशियम नाइट्रेट का उपयोग नहीं होता है।

                                     

ग्रीन पटाखे (Green Crackers) कहां से खरीदें :

आप सभी दोस्तों को बता दे की भारत सरकार द्वारा आपके राज्य में सिंथेटिक पटाखों पर रोक लगा दी गई है और ग्रीन पटाखे (Green Crackers) जलाने की अनुमति दी गई है तो राज्य सरकार की ओर से रजिस्टर्ड दुकानों पर आपको ग्रीन पटाखे (Green Crackers) ही मिलेंगे। इसके अलावा आप ऑनलाइन ग्रीन पटाखे (Green Crackers) खरीद सकते हैं।

दिल्ली (Delhi) जैसे शहरों में दिवाली (Diwali) कैसे होगी?

इस साल दिवाली (Diwali) के पावन अवसर पर कई राज्यों में राज्य सरकार द्वारा सिंथेटिक पटाखों को गैरकानूनी घोषित करके उन पर रोक लगा दी गई है। जिससे कि वायु प्रदूषण एवं ध्वनि प्रदूषण कम हो साथ ही ग्रीन पटाखों (Green Crackers) जलाने की मंजूरी दे दी गई है। और आप सभी को बता दे की ग्राहक ग्रीन पटाखे (Green Crackers) लेने के लिए दुकानों पर लाइन लगाकर खड़े हैं।

राजस्थान (Rajasthan) में भी ग्रीन पटाखों (Green Crackers) पर छूट

राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने भी सामान्य पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और ग्रीन पटाखे (Green Crackers) जलाने की अनुमति दे दी गई है। ग्रीन पटाखे (Green Crackers) जलाने की अनुमति भी सीमित समय के लिए ही दी गई है। ग्रीन पटाखे (Green Crackers) खरीदने पर राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) द्वारा ग्रीन पटाखों (Green Crackers) पर छूट भी दी गई है।

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Deepak Bisnaliya
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