HomeOther Articleभारतीय शिक्षा का इतिहास एवं विकास -महत्वपूर्ण प्रश्न 51

भारतीय शिक्षा का इतिहास एवं विकास -महत्वपूर्ण प्रश्न 51

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‘मुदालियर आयोग’ ने माध्यमिक स्तर पर भाषाओं के अध्ययन के विषय में क्या सुझाव दिया है?

उत्तर – शिक्षा के क्षेत्र में भाषा का महत्व पूर्ण स्तर होता है। भाषा के माध्यम से ही ज्ञान प्रदान किया जाता है। इस स्तर में भाषा की विषय में विचार व्यक्त करना प्रत्येक आयोग के लिए अनिवार्य होता है। ‘माध्यमिक शिक्षा आयोग’ (मुदालियर आयोग) ने सुझाव दिया की माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए मातृभाषा अथवा प्रादेशिक भाषा को ही माध्यम के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए । आयोग ने यह भी सुझाव दिया कि मिडिल स्तर पर बालकों को कम – से – कम दो भाषाओं की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। जूनियर बेसिक स्तर पर अंग्रेजी की शिक्षा का प्रबंध होना चाहिए। हाईस्कूल स्तर पर भी छात्रों को 2 भाषाओं का समुचित ज्ञान होना चाहिए, जिनमें से एक मातृभाषा अथवा क्षेत्रीय भाषा होनी चाहिए।

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