Projector को आसान भाषा में बताएं तब यह एक ऐसा device होता है

है जिसमें की एक series of chips, lenses, color wheels और various दुसरे gadgets और gizmos का इस्तमाल होता है

जो की एक beam of light को ग्रहण करता है और उसे बदल देता है आपके favorite movies और TV shows में वो भी बढ़िया high definition detail के साथ।

Projectors का आविष्कार Charles Francis Jenkins ने सन 1894 में किया था।

आजकल के projectors में और पुराने projectors में कुछ भी समानता नहीं हैं. जहाँ पहले के original models में celluloid film के द्वारा light को blast किया जाता था

Projectors के कई प्रकार होते हैं लेकिन उनमें से तीन सबसे ज्यादा मुख्य होते हैं. 1. DLP 2. LCD 3. CRT

DLP technology based होती है एक optical semiconductor के ऊपर जिसे की एक DMD chip (Digital Micro mirror Device) कहा जाता है,

LCD projector एक ऐसा type का video projector होता है जिसका इस्तमाल displaying video, images और computer data को screen में या दुसरे flat surface में show करने के लिए इस्तमाल किया जाता है।

CRT का Full Form होता है “Cathode Ray Tube“. ये सबसे ज्यादा बड़ा और ज्यादा इस्तमाल किया जाने वाला projector होता है. आप लोगों में बहुतों ने इस projector को school के auditorium में, या Bars में जरुर देखा होगा.