Switch एक ऐसा networking device होता है जो की Network में devices को एक दुसरे के साथ connect होने में मदद करता है,

जिससे की वो data का transfer network में कर सकें। ये Network switches पूरी तरह से identical होते हैं

Intelligence का तात्पर्य यह है की Network switch आये हुए packet को पहले inspect करता है,

उसकी source और destination address को determine करता है और फिर उस packet को accordingly सही जगह को route करता है.

Switches मुख्य रूप से 4 methods का इस्तमाल करते हैं Packet को आगे forward करने के लिए.

1.  Store और Forward करना – इस method में, switches प्रत्येक frame को buffer करती है और उसमें checksum perform करती है उन्हें आगे forward करने के पूर्व.

2.  Cut through करना – इस method में, कोई भी error check perform नहीं किया जाता है. इसमें मुख्य रूप से Switch frame की hardware address को read करती है और फिर उसे forward करती है.

3.  Fragment Free – असल में यह method और कुछ नहीं बल्कि ऊपर बताए गए दोनों methods का combination होता है

4.  Adaptive switching – ये आखिरी method होता है जिसका इस्तमाल बाकि तीनों modes के बिच automate switching के लिए किया जाता है.